
देश : देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब 4 मई को होने वाली मतगणना पर सबकी नजरें टिकी हैं। इसी बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिससे आम जनता में चिंता बढ़ गई है।
चुनाव के बाद बढ़ सकती है महंगाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल कंपनियां लगातार घाटे का सामना कर रही हैं। ऐसे में सरकार जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन कर सकती है। जानकारी के अनुसार, कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
आम जनता पर पड़ेगा असर
ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ेगा, जिससे सब्जी, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।पहले ही कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने से आम लोगों का बजट प्रभावित हुआ है, ऐसे में ईंधन महंगा होने की खबर ने चिंता और बढ़ा दी है।
वैश्विक तनाव का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर अनिश्चितता का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है।इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
सरकार का क्या कहना है
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने हाल ही में कहा कि भारत ने पिछले चार साल से ज्यादा समय तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है, बावजूद इसके कि वैश्विक बाजार में भारी अस्थिरता रही है। इस मुद्दे पर Rahul Gandhi ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए महंगाई को लेकर सवाल उठाए हैं।
क्या आगे और बढ़ेगी कीमत
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बाजार के संकेत और वैश्विक परिस्थितियां कीमतों में बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं।









