- सालाना 1.5 लाख तक निवेश पर टैक्स छूट
- 15 साल बाद 5-5 साल के एक्सटेंशन का विकल्प
- 25 साल बाद हर महीने लगभग ₹61,000 की टैक्स-फ्री पेंशन
नई दिल्ली। अगर आप रिटायरमेंट के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प की तलाश में हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) स्कीम आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। सरकार समर्थित इस योजना में 15+5+5 निवेश रणनीति के जरिए आप 25 वर्षों में करीब ₹1.03 करोड़ का फंड बना सकते हैं और इस पर मिलने वाले ब्याज से ₹61,000 की मासिक टैक्स-फ्री पेंशन पा सकते हैं।
निवेश पूरी तरह सुरक्षित और टैक्स-फ्री
PPF में निवेश पूरी तरह जोखिममुक्त है। वर्तमान में इस योजना पर 7.1% का सालाना गारंटीड ब्याज मिलता है, जो कंपाउंड होता है यानी ब्याज पर ब्याज जुड़ता है। यही कंपाउंडिंग इस स्कीम को लंबी अवधि में बेहद फायदेमंद बनाती है।
क्या है 15+5+5 फॉर्मूला?
PPF की मूल अवधि 15 वर्ष होती है, जिसके बाद निवेशक चाहें तो दो बार 5-5 साल का एक्सटेंशन ले सकते हैं। इस फॉर्मूले के तहत:
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पहले 15 साल हर साल ₹1.5 लाख का निवेश करने पर कुल निवेश ₹22.5 लाख होगा।
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7.1% ब्याज के साथ यह राशि बढ़कर ₹40.68 लाख हो जाएगी, जिसमें ₹18.18 लाख ब्याज से मिलेंगे।
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यदि इसके बाद 5 साल बिना निवेश किए खाते को ऐसे ही रहने दें, तो फंड ₹57.32 लाख तक पहुंच जाएगा।
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अगले 5 साल में यह बढ़कर ₹80.77 लाख हो जाएगा।
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अगर इन एक्सटेंशन वर्षों में निवेश जारी रखा जाए, तो कुल निवेश ₹37.5 लाख और फंड ₹1.03 करोड़ हो जाएगा। इस दौरान कुल ₹65.58 लाख ब्याज से मिलेंगे।
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हर माह मिलेगी ₹61,000 की पेंशन
25 वर्षों के अंत में यदि ₹1.03 करोड़ की राशि खाते में ही बनी रहती है, तो उस पर सालाना 7.1% ब्याज के अनुसार ₹7.31 लाख सालाना यानी लगभग ₹60,941 प्रति माह मिल सकते हैं। खास बात यह है कि यह राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होगी और मूलधन जस का तस रहेगा।
टैक्स छूट का ट्रिपल लाभ
PPF पर निवेश, ब्याज और मेच्योरिटी — तीनों ही चरणों पर आयकर से छूट मिलती है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ भी लिया जा सकता है।
ये लोग खोल सकते हैं PPF खाता
कोई भी भारतीय नागरिक किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपना PPF खाता खोल सकता है। माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों के नाम से भी यह खाता खोल सकते हैं। गृहिणियां, सैलरीड कर्मचारी और छोटे व्यापारी सभी के लिए यह स्कीम उपयुक्त है।
महत्वपूर्ण बातें एक नजर में:
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ब्याज दर: 7.1% (कंपाउंडिंग के साथ)
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निवेश सीमा: सालाना न्यूनतम ₹500, अधिकतम ₹1.5 लाख
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लॉक-इन पीरियड: 15 साल (7वें साल से आंशिक निकासी संभव)
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एक्सटेंशन: हर 5 साल में बिना या नए निवेश के साथ
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कर लाभ: निवेश, ब्याज और मेच्योरिटी राशि — तीनों टैक्स फ्री








