अंबेडकरनगर। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले मंगलवार को कलेक्ट्रेट के निकट डॉ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर प्रधानों और पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। संगठन ने टांडा तहसीलदार की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी को अनुचित बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष राज बहादुर यादव, राजेंद्र प्रसाद वर्मा, सियाराम, घनश्याम यादव, अजीत समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष राज बहादुर यादव ने बताया कि 31 जनवरी को जिला उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र वर्मा एडवोकेट अपने साथियों के साथ टांडा तहसील वार्ता के लिए गए थे। वार्ता के दौरान कुछ मतभेद उत्पन्न हुए, लेकिन किसी भी प्रकार की अभद्रता या विवाद नहीं हुआ। संगठन का कहना है कि इस बात की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी की जा सकती है।
वार्ता के बाद तहसील गेट पर शांतिपूर्ण प्रतीकात्मक धरना दिया गया। इसके बावजूद सुभाष चंद्र वर्मा और उनके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसे संगठन ने तथ्यहीन और अनुचित बताया। प्रदर्शन के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत उनकी कार्रवाई शांतिपूर्ण थी और किसी भी तरह का हंगामा नहीं हुआ।
एसपी को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में संगठन ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रधानों ने प्राथमिकी को तुरंत निरस्त करने और भविष्य में इस तरह की अनुचित कार्रवाई से बचने की अपील की। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संगठन अपने सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।








