अंबेडकरनगर। लगातार हो रही बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति के कारण जिले में गन्ना फसल पर नुकसान का खतरा बढ़ गया है। इस हालात से निपटने के लिए जिले में गन्ना विभाग ने खेतों में बचाव और सुधार की कार्रवाई तेज कर दी है। बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में जहां खेतों में पानी भर गया है, वहां तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है। गन्ना किसानों को भी पानी निकालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि जड़ों में सड़न और फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।जिला गन्ना अधिकारी साहब लाल यादव ने बताया कि जिन खेतों में गन्ना गिर चुका है या गिरने की संभावना है, वहां 24 घंटे के भीतर फसल को दोबारा खड़ा करने और बांधने का काम कराया जा रहा है। इससे गन्ने की बढ़वार और उत्पादन क्षमता प्रभावित नहीं होगी। बसंतकालीन गन्ना फसल को नुकसान से बचाने के लिए कार्बन्डाजिम या थायाफिनेट मिथाइल एक लीटर तथा एनपीके पांच किलोग्राम को 800 से 1000 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने की सलाह दी जा रही है। इससे पौधों की सेहत और मजबूती बनी रहेगी।








