
अंबेडकरनगर। गुरुवार को परियोजना निदेशक अनिल कुमार सिंह ने श्रवण धाम परिसर और तमसा नदी के जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
श्रवण धाम परिसर में कार्यों की समीक्षा
परियोजना निदेशक सुबह श्रवण धाम परिसर पहुँचे और चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि कुछ कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इस पर उन्होंने निर्माण एजेंसी को फटकार लगाते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि श्रवण धाम जिले का आस्था और पर्यटन दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तमसा नदी के जीर्णोद्धार का धीमा रफ्तार
निरीक्षण के दौरान तमसा नदी के जीर्णोद्धार कार्य का भी अवलोकन किया गया। परियोजना निदेशक ने पाया कि नदी की सफाई और तटबंदी का काम मनरेगा के अंतर्गत कराया जा रहा है, लेकिन लेबर की संख्या पर्याप्त नहीं है। इसके चलते काम की रफ्तार बेहद धीमी है। बरसात के कारण भी काम प्रभावित हो रहा है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए और कार्य को गति दी जाए, ताकि निर्धारित समय पर नदी का रूपांतरण पूर्ण हो सके।
अंत्येष्टि स्थल का निरीक्षण
तमसा नदी के पास ही बन रहे अंत्येष्टि स्थल का भी उन्होंने निरीक्षण किया। यहाँ भी कार्य प्रारंभ तो हो गया है लेकिन गति संतोषजनक नहीं है। परियोजना निदेशक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य की गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि अंत्येष्टि स्थल बन जाने से स्थानीय लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और इस क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा।








