- विजिलेंस जांच अब पहुंची एलडीए तक, परिवार की संपत्तियों पर नजर
- सात दिन में मांगे गए दस्तावेज, बढ़ी अफसर की चिंता
- संपत्ति अर्जन में अनियमितता मिली तो दर्ज होगी एफआईआर
लखनऊ। भ्रष्टाचार के आरोपों में निलंबित चल रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की परेशानी और बढ़ गई है। अब विजिलेंस जांच की आंच लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) तक पहुंच चुकी है। विजिलेंस टीम ने एलडीए को पत्र भेजकर अभिषेक प्रकाश और उनके परिजनों के नाम दर्ज सभी अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है। अधिकारियों को सात दिन के भीतर प्रमाणित दस्तावेज सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
संपत्ति खरीद-बिक्री की हो रही गहन जांच
सूत्रों के मुताबिक, विजिलेंस को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर यह शक जताया जा रहा है कि अभिषेक प्रकाश और उनके परिजनों ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसी के तहत एलडीए से यह जानकारी मांगी गई है कि क्या उन्होंने या उनके परिवार के किसी सदस्य ने एलडीए की किसी योजना में मकान, प्लॉट या व्यवसायिक संपत्ति खरीदी या बेची है।
परिवार के नाम पर संपत्तियों की भी जांच
विजिलेंस द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जांच सिर्फ अभिषेक प्रकाश तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों—पत्नी विजय लक्ष्मी, पिता ओम प्रकाश, माता विभा सिन्हा और भाई वैभव प्रकाश—के नाम दर्ज संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। एलडीए अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पत्र मिल चुका है और संबंधित अनुभाग दस्तावेज तैयार करने में जुटे हैं।
डीएम रहते उठे थे सवाल, अब खुली जांच में तेजी
गौरतलब है कि अभिषेक प्रकाश लखनऊ के जिलाधिकारी के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं। उस समय उनके कार्यों और निर्णयों को लेकर कई बार विवाद सामने आए। अब उनके खिलाफ चल रही संपत्ति जांच में यदि अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है, तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
विजिलेंस की इस सक्रियता से नौकरशाही में हलचल तेज हो गई है और सबकी निगाहें इस जांच की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो उनके प्रशासनिक करियर की दिशा तय कर सकती है।








