- फर्जी ऑर्डर स्पूफिंग- सेबी ने किस तरह किया बडे़ मुनाफे का पर्दाफाश?
- निवेशकों को कैसे चूना लगाया गया? जानें धोखाधड़ी के तरीके
- PWAPL के डायरेक्टर्स पर बैन- सेबी ने कैसे लिया सख्त एक्शन?
नई दिल्ली- मार्केट रेगुलेटर सेबी (Securities and Exchange Board of India) ने शेयर बाजार में निवेशकों को धोखा देने वाली पटेल वेल्थ एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड (PWAPL) पर बड़ी कार्रवाई की है। सेबी ने कंपनी को “ऑर्डर स्पूफिंग” (धोखाधड़ी) के आरोप में ट्रेडिंग पर प्रतिबंध लगाते हुए 3.22 करोड़ रुपए की अवैध कमाई वापस लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही, कंपनी के 4 डायरेक्टर्स को भी शेयर बाजार से बैन कर दिया गया है।
सेबी ने क्या किया?
सेबी ने यह कार्रवाई एक अंतरिम आदेश के तहत की, जो बिना दोषियों की सुनवाई के लागू किया गया है। अब कंपनी की विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही, PWAPL को 15 दिनों के अंदर 3.22 करोड़ रुपए, 12% सालाना ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया गया है। कंपनी को अपने खाते से ट्रेडिंग करने पर भी रोक लगा दी गई है।
कैसे हुआ धोखा?- PWAPL ने 2019 से 2025 तक 173 कंपनियों के 292 दिनों तक फर्जी ऑर्डर लगाए। इन झूठे ऑर्डरों के कारण कंपनियों के शेयरों में नकली तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को यह भ्रम हुआ कि शेयरों की मांग बढ़ गई है। इसके बाद, रिटेल निवेशकों ने इन शेयरों में निवेश किया। जैसे ही शेयरों के दाम बढ़े, आरोपियों ने झूठे ऑर्डर को कैंसिल कर 3.22 करोड़ रुपए का मुनाफा कमा लिया। इस धोखाधड़ी को 621 बार अंजाम दिया गया।








