नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की एक X पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने लिखा कि उन्होंने संगठन की तारीफ की है, लेकिन वह RSS, मोदी और उनकी नीतियों के घोर विरोधी हैं। दिग्विजय ने कहा कि जो कहना था, वह उन्होंने CWC की मीटिंग में कह दिया।
कांग्रेस मीटिंग में संगठन मजबूत करने की अपील
दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने और बीजेपी की तर्ज पर काम करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक मजबूती से ही विपक्ष प्रभावी बन सकता है।
‘संगठन’ की जगह ‘संघटन’
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में ‘संगठन’ के बजाय जानबूझकर ‘संघटन’ शब्द का इस्तेमाल किया। इसे RSS की ताकत और प्रभाव की ओर इशारा माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि यह शब्द चयन महज गलती नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक टिप्पणी है।
कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा
- मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस पर खड़गे ने कहा कि पिछले 11 सालों में मोदी सरकार ने कांग्रेस के बनाए गए संस्थानों को कमजोर किया है। RSS-BJP नेताओं ने राष्ट्रीय प्रतीकों का अनादर किया और लोगों के अधिकार दबाए।
- शशि थरूर: उन्होंने कहा कि कांग्रेस 140 साल पुरानी पार्टी है और संगठन को बेहतर बनाने के कई तरीके हैं। दिग्विजय सिंह ने जो कहा, उस पर उनसे पूछना चाहिए।
- सचिन पायलट: उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी एकजुट है, लेकिन दिग्विजय सिंह की RSS की संगठनात्मक क्षमता पर टिप्पणियों के बाद कांग्रेस में विवाद की अफवाहें फैल रही हैं। हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है।
- मणिकम टैगोर: X पर पोस्ट में उन्होंने लिखा कि यह एक ‘शानदार सेल्फ-गोल’ है। हमारे पास भी ऐसा है। गोडसे के संगठन से नफरत के अलावा कुछ नहीं सीखने को है। 140 साल की कांग्रेस अब भी युवा है और नफरत से लड़ती है।
राजनीतिक विश्लेषण
विश्लेषकों के अनुसार, दिग्विजय सिंह की यह पोस्ट बीजेपी और RSS की संगठनात्मक ताकत को लेकर कांग्रेस की आंतरिक और सार्वजनिक रणनीति को परखने की कोशिश भी मानी जा रही है। इससे पार्टी के भीतर चर्चा और मीडिया में बहस तेज हो गई है।








