सुल्तानपुर : सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से जुड़े वॉयस सैंपल मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने परिवादी पक्ष की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें राहुल गांधी की आवाज का फॉरेंसिक मिलान कराने की मांग की गई थी।
कोर्ट ने क्यों खारिज की अर्जी
मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब राहुल गांधी ने कोर्ट में प्रस्तुत सीडी में अपनी आवाज होने से इनकार नहीं किया है, तो वॉयस सैंपल की फॉरेंसिक जांच की आवश्यकता नहीं बनती।
इस टिप्पणी के साथ ही अदालत ने परिवादी Vijay Mishra की याचिका को खारिज कर दिया।
अगली सुनवाई की तारीख तय
कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की है। इसी दिन धारा 437ए के अनुपालन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं पर भी बहस होगी। साथ ही राहुल गांधी को जमानतनामा दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला 2018 के कर्नाटक चुनाव के दौरान दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें Amit Shah पर टिप्पणी की गई थी। इस बयान को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने मानहानि का केस दर्ज कराया था।
12 मार्च को परिवादी पक्ष ने वॉयस सैंपल जांच की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी, जिसका राहुल गांधी के वकील ने विरोध किया।
आगे क्या होगा
अब परिवादी पक्ष के वकील ने संकेत दिया है कि वे इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल कर सकते हैं।
राहुल गांधी इस मामले में पहले से ही जमानत पर हैं और अदालत में उनका बयान भी दर्ज हो चुका है।









