मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों को राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद गुरुवार को गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है। इसके चलते लोन महंगे नहीं होंगे और मौजूदा ईएमआई में भी कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
RBI जिस दर पर बैंकों को कर्ज देता है, उसे रेपो रेट कहा जाता है। जब यह दर कम होती है, तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और इसका फायदा ग्राहकों को कम ब्याज दर के रूप में मिलता है। दिसंबर में RBI ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत किया था, जिसके बाद अब इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2025 में रिजर्व बैंक ने चार बार ब्याज दरों में कटौती की है। फरवरी 2025 में पहली बार ब्याज दर 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6.25 प्रतिशत की गई थी, जो करीब पांच साल बाद की गई बड़ी कटौती थी। इसके बाद अप्रैल में 0.25 प्रतिशत, जून में 0.50 प्रतिशत और दिसंबर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई। इन सभी कटौतियों के बाद रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर पहुंचा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा आर्थिक हालात और महंगाई पर नजर रखते हुए RBI ने दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है। इससे निवेश और खपत को बढ़ावा मिलेगा और आम लोगों को राहत मिलेगी। आने वाले समय में महंगाई और वैश्विक बाजार की स्थिति के आधार पर ब्याज दरों में बदलाव किया जा सकता है।








