- हापुड़ के लेखपाल सुभाष मीणा की मौत पर आक्रोश
- अकबरपुर तहसील में लेखपालों ने धरना देकर जताया विरोध
- मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया
अंबेडकरनगर। हापुड़ जिले में तैनात लेखपाल सुभाष मीणा की मौत के मामले ने जिले भर के राजस्व विभाग में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। सोमवार को अकबरपुर तहसील में लेखपालों ने धरना देकर विरोध जताया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम डॉ शशि शेखर को सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व तहसील लेखपाल संघ अध्यक्ष रूपेश यादव ने किया।धरने में लेखपालों ने कहा कि हापुड़ के जिलाधिकारी ने बिना जांच के झूठे आरोपों के आधार पर सुभाष मीणा के खिलाफ कार्रवाई की। लगातार मानसिक दबाव झेल रहे मीणा ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे प्रदेश के लेखपालों को झकझोर दिया है।लेखपाल संघ ने कहा कि इस मामले में सिर्फ एक कर्मचारी की जान नहीं गई, बल्कि यह घटना पूरे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। मांगों में मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है। साथ ही जांच रिपोर्ट को जल्द सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।लेखपालों ने अधिकारियों से कर्मचारियों के साथ मानवीय व्यवहार करने की मांग की है। उन्होंने मुख्य सचिव के आदेश का पालन करते हुए हर स्तर पर अधिकारियों से प्रतिमाह बैठक की मांग भी रखी। लेखपाल संघ ने यह भी आरोप लगाया कि आजकल कुछ अधिकारी सोशल मीडिया और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपनी छवि बनाने के लिए तहसील दिवस, चौपाल और बैठकों में अधीनस्थों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हैं। इससे कर्मचारी मानसिक तनाव में आकर डिप्रेशन जैसी स्थितियों से जूझते हैं








