- जिले में शिक्षकों की अधिकता: 1,105 शिक्षक सरप्लस, जबकि सिर्फ 524 पद रिक्त
- प्रधानाध्यापकों की स्थिति गंभीर: सिर्फ 3 रिक्तियों के मुकाबले 762 प्रधानाध्यापक सरप्लस
- ऑनलाइन आवेदन में रुचि कम: निर्धारित समय तक केवल 411 शिक्षकों ने आवेदन किया
अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना बेसिक शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1,105 शिक्षक आवश्यकता से अधिक चिन्हित किए गए हैं, जबकि समायोजन के लिए केवल 524 पद ही रिक्त हैं। इससे स्पष्ट है कि विभाग को सीमित रिक्तियों में अधिक शिक्षकों का समायोजन करना होगा, जो प्रशासनिक स्तर पर जटिल स्थिति पैदा कर रहा है।
सरप्लस शिक्षकों की संख्या अधिक, रिक्त पद बेहद कम
जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कुल 1,583 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें 1,063 प्राथमिक और 238 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं, जबकि 282 संयुक्त परिसर में संचालित विद्यालयों को कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय के रूप में विलयित किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर 217 रिक्त पदों के मुकाबले 212 शिक्षक सरप्लस हैं, वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 168 सहायक अध्यापक पदों के मुकाबले 58 शिक्षक अधिक हैं। सबसे गंभीर स्थिति प्रधानाध्यापकों को लेकर है, जहां केवल तीन रिक्त पदों के सामने 762 प्रधानाध्यापक सरप्लस पाए गए हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी 136 रिक्त पदों के मुकाबले 73 प्रधानाध्यापक अतिरिक्त हैं।
ऐच्छिक समायोजन बना प्रशासन के लिए चुनौती
समायोजन की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। बावजूद इसके, निर्धारित समय सीमा के अंतिम दिन दोपहर तक सिर्फ 411 शिक्षकों ने ही आवेदन किया, जिससे स्पष्ट है कि कई शिक्षक अपनी वर्तमान तैनाती से स्थानांतरित नहीं होना चाहते। इस स्थिति में ऐच्छिक समायोजन का विकल्प विभाग की योजना को प्रभावित कर सकता है।








