मुंबई : मुंबई में अपराध की दुनिया का एक पुराना किस्सा एक बार फिर सुर्खियों में है। 1999 में हुए गैंगस्टर सादिक़ कलिया के एनकाउंटर का बदला उसके भतीजे ने 27 साल बाद लिया। पुलिस ने इस मामले में सादिक के भतीजे सादिक जावर को गिरफ्तार कर लिया है।
1999 एनकाउंटर से शुरू हुई दुश्मनी
यह मामला उस समय का है जब एनकाउंटर स्पेशलिस्ट Daya Nayak की टीम ने सादिक कालिया को मार गिराया था। उस समय जावर महज 2 साल का था, लेकिन बड़े होने के साथ उसने इस घटना को बदले की वजह बना लिया।
हत्या की वारदात: 20 से ज्यादा वार
पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल को Iqbal Ibrahim Seliya (78) पर नागपाड़ा स्थित उनके घर में हमला किया गया। आरोप है कि जावर और उसके साथी ने चॉपर से 20 से ज्यादा वार कर उनकी हत्या कर दी। जावर को शक था कि उसके चाचा की लोकेशन पुलिस तक पहुंचाने में सेलिया का हाथ था।
700 किलोमीटर की फिल्मी फरारी
हत्या के बाद आरोपी मुंबई से फरार हो गए। वे एंटॉप हिल से विद्याविहार पहुंचे, फिर ट्रेन से कल्याण और वहां से निजी वाहन लेकर 700 किलोमीटर दूर नागपुर भाग गए।
पुलिस की कार्रवाई: नागपुर से गिरफ्तारी
मुंबई क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों का पीछा किया और अंततः नागपुर से जावर और उसके साथी नौशाद मिठानी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
कौन था सादिक कालिया?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सादिक कालिया पहले एक साधारण जूता व्यापारी था, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में उतरकर Chhota Shakeel गिरोह से जुड़ गया। उस पर कई गंभीर अपराध दर्ज थे, जिसके बाद 1999 में उसका एनकाउंटर किया गया था।









