लखनऊ। मलिहाबाद में पकड़ी गई अवैध असलहा फैक्ट्री के मामले में पुलिस अब मुख्य आरोपी सलाउद्दीन की रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी के साथी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए जेल में ही उससे पूछताछ की जाएगी ताकि उसके नेटवर्क का जल्द पता लगाया जा सके।
फंडिंग और विदेशी कनेक्शन की जांच
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि सलाउद्दीन के गिरोह को फंडिंग करने वाले और एजेंट्स की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस इस दिशा में भी पूछताछ करेगी कि असलहा बनाने का रॉ मटेरियल कहां से आ रहा था और क्या पाकिस्तान, पीओके, कश्मीर, सऊदी अरब और पोलैंड से उसका कोई कनेक्शन था। कॉल डिटेल्स से सामने आया है कि वह इन देशों में कई बार संपर्क में रहा है।
कॉल डिटेल और सर्विलांस से सुराग
पुलिस ने सलाउद्दीन के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स खंगाली हैं और उसके घर आने-जाने वालों की सूची तैयार की है। जिन नंबरों का उल्लेख सलाउद्दीन की डायरी और कागजों में मिला है, उन्हें सर्विलांस पर लिया गया है। इससे गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में मदद मिली है।
गुरुवार को घर से पकड़ी गई थी फैक्ट्री
मोहर्रम से एक दिन पहले गुरुवार को मलिहाबाद थाने के पास सलाउद्दीन के घर पर छापेमारी में अवैध गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ था। मौके से पुलिस ने 14 तमंचे, 100 कारतूस, असलहा बनाने का सामान, हिरन की खाल और एक एयरगन बरामद की थी। आरोपी अपने घर में ही यह अवैध फैक्ट्री चला रहा था।
जल्द हो सकती है और गिरफ्तारियां
पुलिस को इस मामले में कई अहम सुराग मिले हैं। रिमांड मिलने के बाद सलाउद्दीन से पूछताछ के आधार पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़ा नेटवर्क है, जो न सिर्फ यूपी बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हो सकता है।








