
बोले- यह अजित पवार की भी इच्छा थी, इसे पूरा होना चाहिए
अजित, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने विलय पर बातचीत शुरू की थी
12 फरवरी को ऐलान होना था, लेकिन अजित पवार का निधन हो गया
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि पार्टी के दोनों गुटों का विलय अजित पवार की भी इच्छा थी और इसे जरूर पूरा किया जाना चाहिए।
शरद पवार ने बताया कि अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने ही सबसे पहले दोनों गुटों के विलय को लेकर बातचीत शुरू की थी। इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
12 फरवरी को होना था ऐलान
शरद पवार ने कहा कि 12 फरवरी को एनसीपी के विलय का आधिकारिक ऐलान किया जाना था, लेकिन दुर्भाग्य से उससे पहले ही अजित पवार का निधन हो गया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अजित के जाने से यह प्रक्रिया अधूरी रह गई।
बारामती मुलाकात पर उठी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, 17 जनवरी को अजित पवार ने बारामती में शरद पवार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को लेकर मीडिया में कई तरह की रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिनमें दावा किया गया है कि उस दौरान विलय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी।
इस बैठक का एक वीडियो भी सामने आया है, जिससे अटकलों को और बल मिला है। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के करीब 11 दिन बाद अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।
बारामती में पवार परिवार की अहम बैठक
इधर, शनिवार सुबह शरद पवार के बारामती स्थित आवास पर पवार परिवार की अहम बैठक हुई। इस बैठक में सुप्रिया सुले, रोहित पवार, युगेन्द्र पवार और शरद पवार खुद मौजूद रहे।
इसके अलावा शरद गुट के कई वरिष्ठ नेता भी बैठक में शामिल होने पहुंचे। माना जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति, संगठन की मजबूती और संभावित विलय को लेकर मंथन किया गया।








