अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर में चल रहे तीन दिवसीय श्रवण धाम महोत्सव–2026 के दूसरे दिन सोमवार को भव्य दीपोत्सव का आयोजन हुआ। महात्मा श्रवण कुमार की निर्वाण स्थली श्रवण धाम स्थित पावन त्रिवेणी क्षेत्र लाखों दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा। घाटों, मंदिर परिसर और मार्गों पर सजे दीपों ने पूरे क्षेत्र को दिव्य स्वरूप प्रदान किया। सायंकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ श्रवण धाम पहुंचने लगी, जिससे पूरा क्षेत्र आस्था और उल्लास से भर गया।
तमसा तट पर मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच संपन्न हुई भव्य आरती
दीपोत्सव के उपरांत तमसा नदी के तट पर विधिवत तमसा आरती का आयोजन किया गया। वाराणसी से आए डमरू दल ने मंत्रोच्चार, शंखनाद और डमरुओं की गूंज के साथ आरती को विशेष स्वरूप प्रदान किया। आरती के दौरान घाटों पर खड़े श्रद्धालु पूरे अनुशासन और श्रद्धा भाव के साथ सहभागी बने। दीपों की कतारों और आरती की लयबद्ध ध्वनियों ने तमसा तट को भव्य धार्मिक मंच में परिवर्तित कर दिया।
लेजर शो में सजीव हुआ श्रवण कुमार का त्यागमय जीवन
तमसा आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशेष लेजर शो का आयोजन किया गया। आधुनिक तकनीक से प्रस्तुत इस शो में महात्मा श्रवण कुमार के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली दृश्यात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया। माता-पिता की सेवा, त्याग और कर्तव्य जैसे मूल्यों को लेजर प्रोजेक्शन के माध्यम से स्पष्ट रूप से दर्शाया गया। प्रकाश और ध्वनि संयोजन के साथ प्रस्तुत इस शो ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा। बड़ी संख्या में युवाओं और बच्चों ने शो को गंभीरता से देखा।








