अम्बेडकरनगर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत जिले के सात ब्लॉकों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ये भवन न केवल ग्रामीणों के लिए सुरक्षित अनाज भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराएंगे, बल्कि खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को भी अधिक संगठित और पारदर्शी बनाएंगे।
ग्रामीण अंचलों में होगा स्मार्ट गोदामों का निर्माण
इस बार जिले को 47 नए अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिली है। प्रत्येक भवन में दो दुकानें होंगी, जिन्हें स्मार्ट लाइटिंग और आकर्षक पेंटिंग से सुसज्जित किया जाएगा। भवनों पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यमंत्री व स्थानीय विधायकों के चित्र लगाए जाएंगे, जिससे इन केंद्रों को पहचानने में आसानी होगी।
कृषकों को मिलेगा लाभ, सुरक्षित रहेगा अनाज
इन भवनों में दुकानदार एवं किसान अपने चावल व गेहूं को बोरियों में भरकर सुरक्षित तरीके से संग्रहित कर सकेंगे। इससे नमी, कीट व चूहे आदि से होने वाले नुकसान से बचाव होगा और खाद्यान्न की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।
पुराने लक्ष्य के साथ-साथ नई मंज़िल की ओर
डीसी मनरेगा विजय अस्थाना ने जानकारी दी कि पहले चरण में जिले में 75 अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण का लक्ष्य था, जिनमें से कई का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। अब दूसरे चरण में सात ब्लॉकों में 47 नए भवनों के निर्माण का आदेश प्राप्त हुआ है।
ब्लॉकवार भवनों का वितरण इस प्रकार होगा
जलालपुर: 7 भवन
भीटी: 13 भवन
कटेहरी: 7 भवन
रामनगर: 6 भवन
भियांव: 5 भवन
जहांगीरगंज: 5 भवन
अकबरपुर: 4 भवन








