- राम वानजी सुतार का 100 साल की उम्र में निधन
- 78 साल में 1150 से अधिक मूर्तियां बनाई
- संसद भवन में गांधी की ध्यान मुद्रा की मूर्ति और दिल्ली में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा प्रमुख कृतियां
नोएडा। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निर्माता प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वानजी सुतार का गुरुवार देर रात 100 साल की उम्र में निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार थे।
राम सुतार ने भारतीय मूर्तिकला को यथार्थवादी शैली में नया आयाम दिया। उन्होंने संसद भवन परिसर में ध्यान मुद्रा में बैठे महात्मा गांधी की मूर्ति, दिल्ली में घोड़े पर सवार छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा और गोवा में 77 फीट ऊंची श्रीराम की प्रतिमा बनाई।
अयोध्या के शिल्पकार अरुण योगीराज ने बताया कि 2022 में सुतार से मिलना उनके लिए जीवन का बड़ा अनुभव था। 97 वर्ष की उम्र में भी वे रोज स्टूडियो में काम करते थे और उनकी उंगलियों में वही लय थी, जैसी नई मूर्ति गढ़ते समय होती है।
उनके बेटे अनिल सुतार ने बताया कि उनके पिता ने 78 साल के करियर में 1150 से अधिक मूर्तियां बनाई, औसतन हर 25 दिन में एक नई मूर्ति तैयार करते रहे। पहली मूर्ति उन्होंने 22 साल की उम्र में बनाई थी, जो एक बॉडीबिल्डर की थी।
राम सुतार गांधीवादी विचारों से प्रेरित थे और उनका मानना था कि ‘काम ही पूजा है’। उनके जीवन और कला के प्रति समर्पण ने उन्हें न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में प्रसिद्ध बनाया।








