शिक्षक दिवस पर शिक्षकों-कर्मचारियों ने रखा उपवास

  • शिक्षक दिवस पर अटेवा/NMOPS से जुड़े शिक्षकों ने रखा उपवास
  • OPS बहाली को बताया बुढ़ापे की लाठी
  • सांसद-विधायक को पेंशन, तो शिक्षकों को क्यों नहीं? – सवाल उठाए

अम्बेडकरनगर। शिक्षक दिवस के अवसर पर जहां देशभर में शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर अटेवा / NMOPS से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों ने जिले में उपवास रखकर विरोध जताया। अटेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के आह्वान पर यह आंदोलन आयोजित हुआ।

“बुढ़ापे की लाठी है पुरानी पेंशन” – रामबली त्रिशरण

अटेवा अंबेडकरनगर के जिला संयोजक रामबली त्रिशरण ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों का बुढ़ापा सुरक्षित और सम्मानजनक हो, इसके लिए पुरानी पेंशन का बहाल होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश में सांसद, विधायक और यहां तक कि पूर्व उपराष्ट्रपति तक को पेंशन मिलती है, तो फिर आजीवन सेवा देने वाले शिक्षक-कर्मचारी इससे क्यों वंचित रहें?

उन्होंने सवाल उठाया, “क्या शिक्षक और कर्मचारी समाज की सेवा करने के बावजूद उस सम्मान के हकदार नहीं हैं, जो एक जनप्रतिनिधि को रिटायरमेंट के बाद भी मिलता है?”

संविधान दिवस से पहले दिल्ली में होगा बड़ा प्रदर्शन

रामबली त्रिशरण ने कहा कि सरकार की ओर से बार-बार अनसुनी करने के बावजूद हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग दोहराते रहेंगे। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली में देशभर के शिक्षक और कर्मचारी एकत्र होकर पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को मजबूती से उठाएंगे।

राज्य व केंद्र सरकार से पुनर्विचार की मांग

अटेवा संगठन ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से पुरानी पेंशन पर पुनः विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि नई पेंशन योजना (NPS) में कोई सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है।

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