
- 5 करोड़ की लागत से बना 3 मंजिला मदरसा गिराने की कार्रवाई जारी
- मजबूत ढांचे के कारण बुलडोजर और पोकलेन मशीनें हुईं फेल
- दूसरे दिन भी कार्रवाई में सामने आई तकनीकी दिक्कत
संतकबीरनगर। जिले में ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान के मदरसे को गिराने की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही, लेकिन मजबूत ढांचे के कारण प्रशासन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बुलडोजर और पोकलेन मशीनें कई हिस्सों को तोड़ने में असफल रहीं, जिसके बाद अब ड्रिल मशीनें मंगाई गई हैं।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे प्रशासन ने फिर से कार्रवाई शुरू की। मौके पर 2 पोकलेन और 5 बुलडोजर लगाए गए, लेकिन कुछ देर बाद एक पोकलेन मशीन खराब हो गई। इसके बाद करीब एक घंटे तक प्रयास चलता रहा, लेकिन मदरसे के मजबूत पिलर नहीं टूट सके, जिसके बाद कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 100 पुलिसकर्मी, जिनमें 30 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं, तैनात हैं। इसके अलावा PAC की दो कंपनियां भी मौके पर मौजूद हैं।
इससे पहले रविवार को करीब 13 घंटे तक कार्रवाई चली थी, जिसमें चारदीवारी और 10 से अधिक पिलर तोड़े गए थे। हालांकि, अभी भी मदरसे का बड़ा हिस्सा खड़ा हुआ है।
प्रशासन के अनुसार, यह मदरसा करीब 8 साल पहले सरकारी जमीन पर 640 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया गया था, जिसकी लागत लगभग 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसमें 25 कमरे हैं और आरोप है कि इसका निर्माण विदेशी फंडिंग से किया गया। यह मदरसा 2024 से बंद है, जहां पहले करीब 400 बच्चे पढ़ते थे।









