भोजला। गाँव में पिछले विवाद का बदला लेने के अंदेशे में सोमवार को पूर्व प्रधान रिंकू यादव और उसके परिवार ने अरविंद यादव (38) की दिनदहाड़े सरेआम हत्या कर दी। अरविंद यादव भोजला गांव के निवासी थे और उन्हें गोलियों से भूनने के बाद मृत घोषित किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में खौफ फैल गया।
अरविंद यादव की हत्या के बाद उनके परिवार की सुरक्षा के लिए पीएसी कैंप तैनात किया गया है और थाने की पुलिस लगातार गश्त कर रही है। पुलिस ने बुधवार रात में हत्याकांड के तीन आरोपियों – मिथुन यादव, अजीत और सुरेश – को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान रिंकू यादव सहित सात अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस की चार टीमें उन्हें पकड़ने में लगी हुई हैं।
पुरानी दुश्मनी का बदला
भोजला गांव में 2019 में मामूली विवाद के बाद दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी बढ़ी थी। उस समय पूर्व प्रधान रिंकू यादव के चाचा मुन्ना यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में अरविंद समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अरविंद के बड़े भाई नरेश यादव का भी कोई सुराग नहीं मिला।
पूर्व प्रधान का परिवार खौफनाक
अरविंद के भतीजे रवि यादव ने बताया कि पूर्व प्रधान के परिवार ने 26 साल में कई हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया है। 1999 में उन्होंने सिपाही की तीन अंगुलियां काट दी थीं। 2000 में गाँव के एक भाई-बहन की आंखें फोड़ दी थीं। इस परिवार के खिलाफ सीपरी थाने में 23 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
हत्या की भयावह घटना
अरविंद अपनी पत्नी संगीता के साथ झांसी बाजार से लौट रहे थे। उसी समय पूर्व प्रधान और उसके परिवार के लोग हथियार लेकर खड़े थे। उनकी रोकने की अपील को नजरअंदाज करते हुए हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अरविंद को गोली मारने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
पुलिस कार्रवाई
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनसे अन्य आरोपियों की तलाश तेज होगी। मृतक की पत्नी संगीता ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मुख्य आरोपी रिंकू यादव सहित 11 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।
पूरा भोजला क्षेत्र अब भी खौफ के साये में है। अरविंद यादव के घर के बाहर पीएसी और पुलिस बल तैनात हैं, जबकि गाँव के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे हैं।








