- तेजी के बाद निवेशकों ने की मुनाफावसूली, बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
- भारत-पाक टकराव ने बढ़ाई अनिश्चितता, बाजार में छाई बेचैनी
- ग्लोबल मार्केट्स में उछाल के बावजूद घरेलू बाजार क्यों फिसले?
मुंबई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1,100 अंक यानी 1.40% गिरकर 78,700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी 350 अंक लुढ़ककर 23,850 के स्तर पर पहुंच गया है। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर लाल निशान में हैं। एक्सिस बैंक, अडाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 4.5% तक की गिरावट आई है। हालांकि, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, TCS और HCL टेक जैसे IT स्टॉक्स में हल्की तेजी देखने को मिली है। निफ्टी के 50 शेयरों में से 45 में गिरावट दर्ज की गई है। NSE का मीडिया इंडेक्स 3% टूट गया है। साथ ही पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल और ऑटो इंडेक्स में भी करीब 2% की गिरावट देखी जा रही है। केवल IT इंडेक्स ही 1% की बढ़त में है।
गिरावट के दो बड़े कारण
1. मुनाफावसूली:
बीते सात कारोबारी दिनों में बाजार में 8.50% की उछाल दर्ज की गई थी, जिसमें सेंसेक्स 6,269 अंक चढ़ा था। इस तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है, खासकर बैंकिंग सेक्टर में, जिसने हाल के दिनों में मजबूत प्रदर्शन किया था।
2. भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव:
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता सस्पेंड कर दिया है। जवाब में पाकिस्तान ने लगभग सभी द्विपक्षीय समझौते स्थगित करने की घोषणा कर दी है। पाकिस्तान ने सिंधु जल रोकने को युद्ध की कार्यवाही करार दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे बाजार में बिकवाली तेज हो गई है।
ग्लोबल बाजारों में तेजी
अमेरिकी बाजारों में 24 अप्रैल को मजबूती देखने को मिली। डाउ जोन्स 487 अंक, नैस्डेक 458 अंक और S&P 500 इंडेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ बंद हुए। एशियाई बाजारों में भी तेजी रही। जापान का निक्केई 488 अंक ऊपर रहा, कोरिया का कोस्पी 28 अंक चढ़ा, और शंघाई कंपोजिट, हैंगसेंग जैसे बाजारों में भी बढ़त दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी
24 अप्रैल को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 8,250.53 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 534.54 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
गुरुवार को भी दिखी गिरावट
लगातार सात दिनों की तेजी के बाद गुरुवार को भी बाजार लाल निशान पर बंद हुआ था। सेंसेक्स 315 अंक टूटकर 79,801 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 82 अंकों की गिरावट रही और यह 24,247 के स्तर पर बंद हुआ था। हिंदुस्तान यूनिलीवर, जोमैटो, एयरटेल, और ICICI बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट देखी गई थी।








