बाजार ने दिखाई दमदार रिकवरी- निवेशकों में लौटी रौनक

  • सेंसेक्स और निफ्टी में लौटी जान, निवेशकों को मिली राहत
  • बाजार की चाल को संभाला एशियाई संकेतों ने
  • सेक्टोरल परफॉर्मेंस: मीडिया और बैंकिंग सेक्टर में उछाल
    मुंबई:
    बीते कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के बाद मंगलवार, 8 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स 1135 अंक यानी 1.55% की बढ़त के साथ 74,273 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी ने 1.69% या 374 अंकों की छलांग लगाकर 22,535 का स्तर छू लिया।

मीडिया और सरकारी बैंकों में दिखा निवेशकों का भरोसा

आज के सत्र में मीडिया, रियल एस्टेट और सरकारी बैंकों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई। निफ्टी मीडिया इंडेक्स 4.72% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक और रियल्टी इंडेक्स में लगभग 2.50% की तेजी रही। FMCG, IT और ऑटो सेक्टर में भी करीब 2% की मजबूती दर्ज की गई।

बाजार में तेजी के तीन बड़े कारण

  1. एशियाई बाजारों से मिला समर्थन: जापान के निक्केई इंडेक्स में 6% की तेजी, जबकि हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स में 1.51% की मजबूती देखने को मिली।

  2. ट्रेड वॉर में नरमी के संकेत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि कई देश टैरिफ समझौतों को लेकर बातचीत के लिए तैयार हैं, जिससे वैश्विक तनाव कुछ कम हुआ है।

  3. तकनीकी संकेतकों का समर्थन: सेंसेक्स और निफ्टी के ओवरसोल्ड RSI स्तरों ने शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी को बढ़ावा दिया।

सोमवार को बाजार में आई थी जोरदार गिरावट

सोमवार, 7 अप्रैल को शेयर बाजार में इस साल की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 2226 अंक (2.95%) गिरकर 73,137 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 742 अंक (3.24%) टूटकर 22,161 के स्तर पर आ गया था। इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 15 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उतार-चढ़ाव का माहौल

अमेरिका का डाउ जोन्स सोमवार को 349 अंक यानी 0.91% गिरकर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 में 0.23% और नैस्डेक में 0.09% की हल्की तेजी रही।
एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई, कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स सभी में पिछले सप्ताह भारी गिरावट देखी गई थी।

टैरिफ वॉर से बढ़ी मंदी की आशंका

3 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी।

  • भारत पर 26%

  • चीन पर 34%

  • यूरोपीय यूनियन पर 20%

  • जापान, कोरिया और वियतनाम पर भी 25% से ज्यादा टैरिफ

इसके जवाब में चीन ने अमेरिका पर 34% जवाबी टैरिफ की घोषणा कर दी है, जो 10 अप्रैल से प्रभावी होगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि चीन अपना फैसला नहीं बदलता तो 50% अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।

9 अप्रैल से लागू होंगे रेसिप्रोकल टैरिफ

अमेरिका ने 5 अप्रैल से सभी आयातित उत्पादों पर 10% बेसलाइन टैरिफ लागू कर दिया है। इसके अलावा, रेसिप्रोकल टैरिफ 9 अप्रैल रात 12 बजे से प्रभावी होंगे। ये शुल्क उन देशों पर लगाए जाएंगे जो अमेरिका पर पहले से शुल्क लगाते हैं।

पिछले कारोबारी दिनों का बाजार प्रदर्शन

  • 4 अप्रैल: सेंसेक्स 930 अंक टूटा, निफ्टी में 345 अंकों की गिरावट

  • 3 अप्रैल: सेंसेक्स 322 अंक गिरा, निफ्टी 82 अंक नीचे आया

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