- अब ट्रांसफार्मर का फ्यूज बताएगा चोरी की कहानी
- पावर कारपोरेशन की सुबह-सुबह छापेमारी रणनीति
- मीटर और खपत के बीच की सच्चाई होगी उजागर
अंबेडकरनगर। जिले की विद्युत व्यवस्था अब नए तेवर में दिखाई दे रही है। जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली की खपत और चोरी की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। इस पर नियंत्रण पाने के लिए पावर कारपोरेशन ने बड़ा कदम उठाया है। अब बार-बार ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ना केवल तकनीकी खराबी नहीं मानी जाएगी, बल्कि इसे बिजली चोरी का संकेत मानकर विभागीय टीम मौके पर छापेमारी करेगी।
जिले के अकबरपुर, जलालपुर, टांडा और आलापुर उपखंडों के 41 विद्युत उपकेंद्रों से साढ़े चार लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। यहां करीब 36,500 ट्रांसफार्मर लगे हैं, जो 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन को 440 वोल्ट में तब्दील करते हैं।
फ्यूज उड़ने की जांच से होगी चोरी की पुष्टि
अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर फ्यूज की क्षमता कनेक्शन लोड के अनुसार तय होती है, लेकिन गांवों में या तो अधिक लोड जोड़ दिया जाता है या फिर अवैध कनेक्शन के जरिए ट्रांसफार्मर से सीधी बिजली चोरी की जाती है। इससे ट्रांसफार्मर पर दबाव बढ़ता है और फ्यूज उड़ जाते हैं या ट्रांसफार्मर जल जाते हैं। अब विभाग ने तय किया है कि ऐसे मामलों में सघन जांच की जाएगी।
मार्निंग रेड में रंगेहाथ पकड़े जाएंगे चोर
इस अभियान की कमान एक्सईएन और एसडीओ स्तर के अधिकारी संभालेंगे। प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर तीन सदस्यीय टीम तैनात की गई है। विशेषकर भोर के समय, जब लोग सो रहे होते हैं, विजिलेंस टीम पुलिस बल के साथ छापा मारेगी। उन इलाकों में घर-घर जाकर मीटर और वास्तविक खपत की तुलना की जाएगी, जहां बार-बार फ्यूज उड़ने की शिकायत है।








