देहरादून। शुक्रवार से देहरादून में तीन दिवसीय देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल (DDLF) 2025 का सातवां संस्करण शुरू हो गया। उद्घाटन सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण देश के पूर्व चीफ जस्टिस (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ रहे। उन्होंने ‘We the Students of India’ थीम पर छात्रों से सीधा संवाद किया और साहित्यिक आयोजनों के महत्व पर जोर दिया।
सीजेआई चंद्रचूड़ की प्रमुख बातें
- नेतृत्व का महत्व: एक सच्चा नेता पद की शक्ति से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और फैसलों से दूसरों के लिए रास्ता बनाता है। नेतृत्व स्थायी नहीं होता, स्थायी असर ही मायने रखता है।
- असफलताएं और सीख: असफलताओं से डरने की बजाय उन्हें सीखने का अवसर समझें। हर व्यक्ति अपने अनुभवों से समाज को योगदान दे सकता है।
- स्कूली शिक्षा में व्यक्तिगत सीख की कमी: स्कूलों में छात्रों का व्यक्तिगत विकास सीमित है। करियर और सफलता का आधार यह है कि छात्र कितने विकसित हैं।
- व्यस्त जीवन में पढ़ाई और संगीत: देश के सबसे व्यस्त पद पर रहते हुए भी चंद्रचूड़ रोज पढ़ते और संगीत सुनते रहे। यह जीवन में संतुलन और संवेदनशीलता बनाए रखता है।
- तकनीक अपनाने की चुनौती: तकनीक जीवन आसान बनाती है, लेकिन इसे अपनाने के लिए मानसिकता बदलना, प्रशिक्षण और डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है।
फेस्टिवल की विशेषताएं
DDLF में तीन दिन तक साहित्य, कला, संगीत, सिनेमा और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। छात्रों को सीधे सेलेब्रिटीज और विशेषज्ञों से बातचीत का मौका मिलेगा।
इस साल फेस्टिवल में शामिल होंगे:
- नंदिता दास, शेफाली शाह, शोभा डे, आदिल हुसैन, जया किशोरी, विशाल, हरपाल सिंह, रेखा भारद्वाज, उषा उत्थप।
- दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी युवाओं से संवाद करेंगे और राज्य में साहित्य व कला के बढ़ते दायरे पर चर्चा करेंगे।







