नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सोशल मीडिया कंटेंट और दिव्यांग लोगों से जुड़े दो अहम मामलों पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर डाले जाने वाले एडल्ट कंटेंट के लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराना ही पड़ेगा। केंद्र सरकार को 4 हफ्ते में इसके लिए सख्त रेगुलेशन बनाने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि कानून SC/ST एक्ट की तरह कड़ा होना चाहिए।
सोशल मीडिया और एडल्ट कंटेंट पर निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कंटेंट क्रिएटर दोनों के लिए नियम स्पष्ट होने चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 4 हफ्ते में रेगुलेशन तैयार करने और लागू करने का आदेश दिया, ताकि अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री पर नियंत्रण रखा जा सके।
दिव्यांगों के खिलाफ अपमान का मामला
इंडियाज गॉट टैलेंट के होस्ट और यूट्यूबर समय रैना पर शो में दिव्यांगों का मजाक उड़ाने का आरोप लगा था। SMA फाउंडेशन की याचिका पर कोर्ट ने आदेश दिया कि समय रैना और उनके साथ अन्य कॉमेडियनों को अपने शो में दिव्यांग लोगों की सफलता की कहानियां दिखानी होंगी। इसका उद्देश्य उनके लिए फंड इकट्ठा करना और समाज में सकारात्मक संदेश देना है।
आदेश और प्रतिबद्धता
समय रैना सहित छह कॉमेडियनों ने कोर्ट को बताया कि वे महीने में दो ऐसे शो करेंगे, जिनमें दिव्यांग लोगों की उपलब्धियां दिखाई जाएंगी और फंड जुटाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि भविष्य में वे किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी से बचें, चाहे भारत में हों या विदेश में।








