
अंबेडकरनगर में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा संरक्षण समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला आर्द्र भूमि समिति की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी Isha Priya ने की।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान और नदी संरक्षण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
37 लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि शासन की ओर से इस वर्ष जनपद को 37 लाख 530 पौधों के रोपण का लक्ष्य मिला है। यह लक्ष्य 24 विभागों में विभाजित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि तीन दिन के भीतर नोडल अधिकारी का नाम सहित विस्तृत कार्ययोजना वन विभाग को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही 31 मई तक सभी स्थलों पर गड्ढा खुदाई का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा गया।
पौधों की सुरक्षा और मियावाकी वन पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग की अलग से समीक्षा कर प्रभावी योजना तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोपित पौधों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है।
नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में कम से कम दो मियावाकी या कपि वन विकसित करने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर योजना तैयार करने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर वन विभाग पौध उपलब्ध कराएगा।
ग्रीन चौपाल से जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने आगामी 9 मई को भारत रत्न रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में “ग्रीन चौपाल” आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कार्बन फाइनेंसिंग योजना की जानकारी भी ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया।









