- कुकरैल नदी की सफाई और पुनर्जीवन शुरू
- नदी की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 40 मीटर की जाएगी
- 4.2 किलोमीटर क्षेत्र में 4 करोड़ 23 लाख रुपये से काम
लखनऊ। लखनऊ में अतिक्रमण और गंदगी से बुरी तरह प्रभावित कुकरैल नदी को फिर से प्राकृतिक स्वरूप में लौटाने के लिए बड़ा अभियान शुरू हुआ है। सिंचाई विभाग 4.2 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई और खोदाई कर रहा है, जिससे नदी की जलधारा 10 मीटर से बढ़ाकर 40 मीटर चौड़ी और 2 मीटर अधिक गहरी की जाएगी। इस काम के लिए 4 करोड़ 23 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
नदी के किनारे अतिक्रमण हटाने और सफाई के लिए जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। पहले नदी की जलधारा मात्र 10 मीटर रह गई थी, जबकि पहले यह 40 मीटर थी। नदी में गंदगी फैलने और अवैध कब्जों के कारण यह समस्या आई थी।
सिंचाई विभाग ने कहा है कि यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि एक जैविक और पर्यावरणीय धरोहर को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। भीकमपुर पुल से लेकर इंदिरा नगर सेक्टर-25 तक नदी की सफाई का काम जारी है, जिसमें 10 से अधिक मशीनें नदी की तलहटी से सिल्ट निकाल रही हैं।
रक्षा मंत्रालय की भूमि के पास बहने वाली नदी के लिए विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किया है, जिसके तहत केवल सफाई की अनुमति है और किसी प्रकार के निर्माण पर रोक है।
सफाई अभियान के दौरान नदी में गिरने वाले गंदे नालों को बंद कर दिया गया है। नगर निगम और जल निगम मिलकर भविष्य में नदी को प्रदूषित न होने देने के लिए योजना बना रहे हैं।








