वाराणसी। मातृ छाया अपार्टमेंट में कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद में सनबीम स्कूल के शिक्षक की हत्या कर दी गई। गुरुवार रात 10:30 बजे भेलूपुर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी। आरोपियों ने शिक्षक को फोन कर नीचे बुलाया और पहले लात-घूंसों से पीटा, फिर ईंट और रॉड से सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शिक्षक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फोन कर बुलाया, फिर किया जानलेवा हमला
मृतक की पहचान 48 वर्षीय डॉ. प्रवीण झा के रूप में हुई, जो भगवानपुर स्थित सनबीम स्कूल में शिक्षक थे। अपार्टमेंट गार्ड रामलखन के मुताबिक, विवाद उस समय शुरू हुआ जब आरोपी आदर्श सिंह ने बेसमेंट में कार खड़ी करने को लेकर टीचर से झगड़ा किया। आदर्श ने पहले शिक्षक की कार पर मुक्के मारे और फिर फोन कर उन्हें नीचे बुलाया। शिक्षक कार हटाने को तैयार थे, लेकिन आदर्श और उसके दो साथियों ने झगड़ा शुरू कर दिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
ईंट और रॉड से सिर कुचला, मौके से फरार
गार्ड ने बताया कि आरोपियों ने पहले घूंसों और लातों से हमला किया, फिर ईंट उठाकर शिक्षक के सिर पर ताबड़तोड़ वार किया। इसके बाद लोहे की रॉड से भी मारा। जब प्रवीण झा अचेत होकर गिर पड़े, तो आरोपी मौके से भाग निकले। गार्ड ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उसे भी धक्का दे दिया गया।
परिजन पहुंचे, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
गार्ड ने घटना की जानकारी शिक्षक की पत्नी को दी। परिजन पहले उन्हें लाइफ हॉस्पिटल और फिर BHU ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण मौत हुई।
रात में ही पकड़े गए तीन आरोपी, बोले- नशे में थे
सूचना मिलते ही एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार मौके पर पहुंचे और पुलिस ने रातभर दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आदर्श ने कहा- “मैं नशे में था, मुझे कुछ समझ नहीं आया। टीचर की मौत का पता चला तो मैं रोने लगा। मुझसे गलती हो गई, मैं माफी मांगता हूं।”
आरोपी आदर्श का बैकग्राउंड
आरोपी आदर्श अपार्टमेंट के कमरे नंबर 202 में रहता था। उसके पिता बिहार में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। करीब 15 साल पहले उन्होंने यह फ्लैट खरीदा था। छह महीने से आदर्श अकेले यहां रह रहा था। अपार्टमेंट निवासियों का कहना है कि वह अक्सर अलग-अलग गाड़ियों से आता था और विवाद करता था।
पार्किंग की कमी बना विवाद का कारण
मातृ छाया अपार्टमेंट में कुल 20 फ्लैट हैं, जबकि पार्किंग केवल 16 वाहनों की है। यही वजह अक्सर विवाद का कारण बनती है। मृतक प्रवीण झा के दो फ्लैट थे—एक में सास-ससुर रहते थे और दूसरे में वह पत्नी के साथ। बड़ा बेटा बेंगलुरु में नौकरी करता है और छोटा बेटा देहरादून से एमबीए कर रहा है।








