कोर्ट ने दोषियों को मरते दम तक जेल में रखने का आदेश दिया
मां सुनीता और चाचा ने कहा- हत्यारों को फांसी होनी चाहिए
कोर्ट ने कहा- ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रेमी प्रभात शुक्ला और आर्यन उर्फ शिवा ने किया किडनैप और हत्या
कानपुर। कारोबारी के बेटे कुशाग्र की हत्या के मामले में अदालत ने ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और दोस्त आर्यन उर्फ शिवा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आदेश दिया कि तीनों दोषियों को मरते दम तक जेल में रखा जाए।
मां सुनीता ने रोते हुए कहा, “तीनों को फांसी होनी चाहिए। जैसे इन लोगों ने मेरे बच्चे का गला दबाकर मारा, वैसे ही उनका भी गला दबना चाहिए।”
कुशाग्र के चाचा ने कहा, “मेरा बच्चा चला गया। ढाई साल से कोर्ट में दौड़ते-दौड़ते हमारे आंसू सूख गए। हत्यारों को फांसी मिले तभी हमारे बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी। हम हाईकोर्ट में फांसी की मांग करेंगे।”
कोर्ट ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को किडनैपिंग और हत्या का दोषी करार दिया था। अदालत के मुताबिक, रचिता वत्स, प्रभात शुक्ला और आर्यन ने कुशाग्र को किडनैप किया और 30 लाख रुपए की फिरौती के लिए उसकी हत्या कर दी।
मामला 30 अक्टूबर 2023 का है, जब हाईस्कूल के छात्र कुशाग्र की हत्या हुई थी। पीड़ित पक्ष की ओर से मामले में कुल 14 गवाहों को पेश किया गया।








