राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की कड़े पैमाने पर समीक्षा

अम्बेडकरनगर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में पोषण आहार वितरण, रोगियों की पहचान, उपचार एवं जांच व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में क्षय रोगियों को नियमित पोषण पोटली और आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध कराने तथा व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को लेकर कड़े निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री के लक्ष्यानुसार वर्ष 2025 तक भारत में क्षय रोग (टीबी) का पूर्ण उन्मूलन करना आवश्यक है। इसके तहत राज्यपाल उत्तर प्रदेश द्वारा भी क्षय रोगियों को गोद लेकर उनका समुचित उपचार और पोषण सुनिश्चित करने का आवाहन किया गया है। जनपद में चिन्हित सभी क्षय रोगियों को पोषण आहार स्वेच्छा से उपलब्ध कराने, दैनिक जांच की संख्या बढ़ाने, उपचार की गुणवत्ता बेहतर बनाने एवं प्रभावी रोकथाम के उपायों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामानंद सिद्धार्थ ने बताया कि जनपद की 852 ग्राम पंचायतों में 3700 सक्रिय क्षय रोगी हैं, जिनमें से 3507 को गोद लिया गया है। 47 ग्राम पंचायतें पूरी तरह से टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले माह 172 रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई, जबकि 350 रोगियों को डीबीटी के तहत आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को ससमय वितरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

बैठक में यह भी पता चला कि प्रत्येक ब्लॉक में तैनात सीनियर असिस्टेंट सुपरवाइजर द्वारा पोषण पोटली वितरण में देरी, हॉटस्पॉट चिन्हांकन में कमी, शत प्रतिशत मरीजों पर निश्चय मित्र न बनाने तथा अपने कर्तव्यों की अनदेखी करने के मामले सामने आए हैं। इन पर स्पष्टीकरण मांगा गया है और भविष्य में जवाबदेही तय करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

 

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