- बिना परमिट सवारियां ढोने पर भारी टैक्स और जुर्माना
- गाड़ी को कॉमर्शियल में कन्वर्ट कराना अब अनिवार्य
- लखनऊ में 38 प्राइवेट वाहन पकड़े गए, दो का कन्वर्जन
लखनऊ। अगर आप प्राइवेट वाहन से सवारी ढोकर कमाई कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने डग्गामारी (बिना अनुमति यात्री परिवहन) के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। अब बिना परमिट सवारियां ढोने वालों पर सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि गाड़ी को कॉमर्शियल में कन्वर्ट कराकर वर्षों का बकाया टैक्स भी वसूला जाएगा।
लखनऊ में 38 प्राइवेट गाड़ियां पकड़ी गईं, दो का हो चुका कन्वर्जन
परिवहन आयुक्त बीएन सिंह के निर्देश पर एआरटीओ (प्रशासन) पीके सिंह के नेतृत्व में लखनऊ में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 38 प्राइवेट गाड़ियों को पकड़ गया, जो बिना परमिट के सवारी ढो रही थीं। इनमें से दो गाड़ियों को तत्काल कॉमर्शियल श्रेणी में कन्वर्ट करा दिया गया, जबकि बाकी मामलों में कार्रवाई जारी है।
अब नहीं मिलेगी माफी, भरना होगा पुराने वर्षों का टैक्स
अब तक प्राइवेट गाड़ियों से सवारी ढोते पाए जाने पर वाहन मालिक केवल जुर्माना भरकर छूट जाया करते थे। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब उन्हें वाहन खरीदने की तिथि से लेकर अब तक का कॉमर्शियल टैक्स भी भरना होगा। माफी या चेतावनी का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।
राज्य भर में 1474 वाहन पकड़े, 90 गाड़ियों का हो चुका है कन्वर्जन
परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने जून महीने में अब तक प्रदेशभर में 1474 प्राइवेट गाड़ियों को डग्गामारी करते हुए पकड़ा है। इनमें से 90 गाड़ियों को कॉमर्शियल में बदला जा चुका है और शेष के खिलाफ कार्रवाई प्रक्रिया में है।








