- शिमला में पेड़ गिरने की घटना में कोई जनहानि नहीं
- किन्नर कैलाश यात्रा खराब मौसम के कारण स्थगित
- कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, अलर्ट जारी
शिमला | हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कृष्णानगर क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक बड़ा देवदार का पेड़ अचानक एक मकान पर गिर गया। घटना के समय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। गनीमत यह रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि मकान की छत को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जबकि पास के एक लेंटर को भी हल्का नुकसान हुआ है।
स्थानीय पार्षद ने बताया कि क्षेत्र में कुछ और पेड़ भी खतरा बने हुए हैं। यह मामला ट्री-कमेटी के समक्ष उठाया जाएगा और खतरा बने पेड़ों को जल्द से जल्द काटे जाने की मांग की जाएगी।
खराब मौसम के चलते किन्नर कैलाश यात्रा रोकी गई
किन्नौर जिला प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए किन्नर कैलाश यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने बताया कि जब तक मौसम अनुकूल नहीं होता और रास्ते ठीक नहीं होते, तब तक यात्रा दोबारा शुरू नहीं की जाएगी। यह यात्रा 16 जुलाई से आरंभ हुई थी और 30 अगस्त तक चलनी थी। यात्रा के दौरान देशभर से भोलेनाथ के भक्त किन्नर कैलाश (ऊंचाई 19,850 फीट) की कठिन चढ़ाई करते हैं, जिसे भगवान शिव का शीतकालीन निवास माना जाता है।
मौसम विभाग ने 21 से 23 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे निकट भविष्य में यात्रा शुरू होने की संभावना बेहद कम है।
प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, कुछ जिलों में अलर्ट जारी
प्रदेश के विभिन्न भागों में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक तेज बारिश हुई। शिमला में 5 घंटे से अधिक समय तक लगातार वर्षा होती रही। मंडी के जोगिंद्रनगर में बीते 24 घंटे में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।
मौसम विभाग ने चंबा और कांगड़ा जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में 21 से 23 जुलाई के बीच भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई है।
लाहौल स्पीति प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मनाली-लेह हाईवे पर बाइक राइडिंग पर अस्थायी रोक लगा दी है। लेह के तंगलांग क्षेत्र में बारिश से सड़क को नुकसान पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया।
बारिश में अब तक 110 लोगों की मौत, 1200 करोड़ की संपत्ति को नुकसान
इस मानसून सीजन में 20 जून से 17 जुलाई तक प्रदेशभर में 110 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 23 लोगों की मौत लैंडस्लाइड, बादल फटने और बाढ़ जैसी घटनाओं में हुई है, जबकि 35 लोग अब भी लापता हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार इस दौरान 1200 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। 1000 से ज्यादा मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
जुलाई में सामान्य से कम बारिश दर्ज
हालांकि पूरे मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 12% अधिक बारिश दर्ज की गई है, लेकिन जुलाई में यह आंकड़ा सामान्य से 5% कम है। 1 से 17 जुलाई के बीच जहां सामान्यत: 129 मिमी बारिश होती है, इस बार केवल 122.4 मिमी वर्षा हुई है। विशेष रूप से 10 से 17 जुलाई के बीच 35% कम वर्षा दर्ज की गई — 61.2 मिमी की जगह केवल 40 मिमी बारिश हुई।








