लखनऊ। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि के अवसर पर लखनऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पूरा देश लौह पुरुष सरदार पटेल को स्मरण कर रहा है और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता आंदोलन में नेतृत्व की भूमिका निभाई और देश की आजादी के लिए कई बार जेल की यातनाएं सहीं।
किसान परिवार से निकलकर बने राष्ट्र निर्माता
सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल का जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा, संकल्प और उच्च शिक्षा का उपयोग विदेशी हुकूमत की नौकरी करने के बजाय भारत माता की सेवा में किया। उन्होंने जीवनभर राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए संघर्ष किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने देश के विभाजन का पुरजोर विरोध किया और अंतिम समय तक भारत को एकजुट रखने के लिए प्रयासरत रहे। आज का सशक्त और संगठित भारत उनकी दूरदर्शिता और मजबूत इच्छाशक्ति का ही परिणाम है।
567 रियासतों का कराया भारत में विलय
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल को राष्ट्रीय एकता का शिल्पकार बताते हुए कहा कि उन्होंने 567 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा है और देश को एक सूत्र में बांधने का मार्ग दिखाता है।
उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल की नीतियों को पूरी तरह अपनाया गया होता, तो आज देश को कई समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।








