- खामोश रात में गेहूं की चुपचाप तस्करी, पर प्रशासन रहा सतर्क
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मंडी शुल्क चोरी की योजना पर भारी पड़ा प्रशासन का प्लान
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ट्रक और ट्रैक्टर में भरकर निकाला जा रहा था मंडी से बाहर अनाज
अम्बेडकरनगर। विपणन विभाग और मंडी प्रशासन की संयुक्त टीम ने गेहूं की बड़ी तस्करी का भंडाफोड़ किया है। मालीपुर थाना क्षेत्र के खजुरी के पास रात के अंधेरे में ट्रक और दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लदे 800 बोरी गेहूं को बिना गेट पास और मंडी शुल्क अदा किए शाहगंज और बनारस भेजा जा रहा था। सूचना मिलते ही टीम ने छापा मारकर वाहनों को जब्त कर लिया।
कैसे हुआ खुलासा?
रात्रि में जब आम लोग सो रहे थे, तभी अवैध रूप से गेहूं की ढुलाई की जा रही थी। विपणन विभाग को सूचना मिली कि शहजादपुर के व्यापारी सरोज और जाफरगंज के रमेश द्वारा गेहूं की बोरियां बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए अन्य जिलों में भेजी जा रही हैं। टीम ने तुरंत कार्रवाई कर वाहनों को रोक लिया।
किसकी थी मिलीभगत?
जांच में पता चला कि गेहूं की बोरियों पर मंडी शुल्क नहीं चुकाया गया था और न ही गेट पास लिया गया था। यह साफ तौर पर नियमों का उल्लंघन था। पकड़े गए वाहनों को नवीन मंडी परिसर में ले जाया गया है, जहां से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कौन थे छापेमारी में शामिल?
इस ऑपरेशन में विपणन निरीक्षक राजेंद्र यादव, मंडी निरीक्षक सुभाष चंद्र, राहुल यादव और सूरज की टीम शामिल रही। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष द्विवेदी ने बताया कि यह कार्रवाई विभाग की संयुक्त योजना का हिस्सा थी।
अब आगे क्या?
मामले में मंडी प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा। व्यापारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटना अनाज की तस्करी रोकने में प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है।








