ताजगंज चौकी पर करणी सेना कार्यकर्ताओं का हंगामा

  • कार्यक्रम रोकने पहुंची पुलिस से भिड़े समर्थक
  • बिना अनुमति के लगाए गए बोर्ड पर बढ़ा विवाद
  • हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को भेजा गया जेल

आगरा। महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस को खुली चुनौती देते हुए क्षत्रिय युवा करणी सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा फरार हो गया। पुलिस द्वारा कार्यक्रम रोकने पर ओकेंद्र राणा और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद समर्थकों ने पुलिस को घेर लिया और इसी दौरान राणा मौके से भाग निकला।

पुलिस ने इस दौरान लाठीचार्ज करते हुए पांच आयोजकों को हिरासत में लिया। वहीं, इससे नाराज करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने ताजगंज की एकता चौकी को घेर लिया और जमकर नारेबाजी की। देर रात पांच थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और हालात काबू में लाए।

बिना अनुमति आयोजित हो रहा था कार्यक्रम

पुलिस के अनुसार, यह आयोजन थाना फतेहाबाद क्षेत्र के सिकरारा गांव में महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में किया जा रहा था, जिसकी कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर पहुंचे एसीपी और इंस्पेक्टर ने कार्यक्रम को रुकवाया और आयोजकों को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गए लोगों में गुतिला के रवि, प्रवेंद्र फिरोजाबाद, जसवंत किरावली, अलीगढ़ के अरुण कुमार, दिगनेर के कुशवीर, अतुल, उमेश, साहिल, जितेंद्र, पीयूष व सौरभ शामिल हैं। सभी को एसीपी सदर सुकन्या शर्मा की अदालत में पेश किया गया, लेकिन जमानती न होने पर सभी को जेल भेज दिया गया।

राणा ने दी थी आगरा पुलिस को खुली चुनौती

ओकेंद्र राणा ने तीन दिन पहले फेसबुक के जरिए आगरा पुलिस को खुली चुनौती दी थी। उसने ऐलान किया था कि 14 मई को वह विशाल क्षत्रिय शक्ति सम्मेलन में शामिल होगा। बुधवार को जब वह नौफरी गांव पहुंचा तो पुलिस पहले से अलर्ट थी और भारी संख्या में फोर्स वहां तैनात कर दी गई।

नौफरी गांव की सड़क किनारे लगाए गए एक बोर्ड—जिस पर महाराणा प्रताप की तस्वीर थी और ‘राजपूतों के गढ़ में आपका स्वागत है’ लिखा था—के अनावरण के लिए ओकेंद्र पहुंचा था। गांव के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बिना अनुमति बोर्ड लगाने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ओकेंद्र फरार हो गया।

मार्च में सपा सांसद के घर पर हुआ था हमला

26 मार्च को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद रामजी लाल सुमन के आगरा स्थित आवास पर हमला किया था। बताया गया कि इस हमले में ओकेंद्र राणा के नेतृत्व में करीब 1,000 कार्यकर्ता बुलडोजर लेकर पहुंचे थे। वहां तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की गई थी, जिसमें 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सांसद के घर के बाहर खड़ी 10 से अधिक गाड़ियों और कई कुर्सियों को नुकसान पहुंचाया गया था। इस मामले में ओकेंद्र राणा के खिलाफ थाना हरीपर्वत में केस दर्ज किया गया था।

सोशल मीडिया के जरिए दी गई धमकी

इस घटना के बाद भी ओकेंद्र राणा पीछे नहीं हटा। 20 अप्रैल को उसने अपने फेसबुक पेज पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद रामजी लाल सुमन की एक तस्वीर पोस्ट कर दोनों को चेतावनी दी थी। उसने लिखा था—“अब अगली बार अखिलेश रोएंगे”

पुलिस अलर्ट, लेकिन ओकेंद्र अब भी फरार

हालात को देखते हुए आगरा पुलिस सतर्क है, लेकिन ओकेंद्र राणा का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राणा के खिलाफ पूर्व के मामलों में भी गंभीर धाराएं दर्ज हैं और उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

Related Posts

मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी के लिए 50 करोड़ का बजट

मुरादाबाद। प्रदेश सरकार के बजट में मुरादाबाद को बड़ी शैक्षणिक सौगात मिली है। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।…

Continue reading
दीवान शुगर मिल में मजदूर की दर्दनाक मौत

मुरादाबाद। दीवान शुगर मिल में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जिसमें 32 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। गन्ने की पुलियां डालते समय…

Continue reading