अंबेडकरनगर। ‘वाराणसी आशिक’ ब्रांड के नाम पर नकली सुगंधित सुपारी और गुटखा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने दो जिलों में संयुक्त छापेमारी कर इस रैकेट को पकड़ा, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन की तलाश जारी है। यह छापेमारी मालीपुर रोड (अंबेडकरनगर) और अकबरपुर मार्ग (सुलतानपुर) पर स्थित अवैध फैक्ट्रियों और गोदामों में की गई।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, नकली माल के साथ मशीनें और कैश जब्त
इस कार्रवाई में पुलिस ने धर्मेंद्र जायसवाल (26), मिथुन जायसवाल (35), विशाल मौर्य (26), और अंकित तिवारी (23) को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 20 से अधिक बोरियों में नकली माल, छह पैकिंग मशीनें, नकद ₹15,200, चार मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें (UP72P5878, UP45AB4556) बरामद की गईं।
कंपनी की सतर्कता से खुला मामला, कॉपीराइट उल्लंघन का गंभीर अपराध दर्ज
‘वराणसी आशिक’ ब्रांड के कन्नौज निवासी प्रतिनिधि पीयूष दुबे की शिकायत पर यह छापेमारी की गई। उन्होंने बताया कि हाल ही में घटिया क्वालिटी के उत्पादों की शिकायतें मिलने पर जांच शुरू हुई थी, जिसमें ब्रांड नाम का दुरुपयोग उजागर हुआ। पुलिस ने कॉपीराइट अधिनियम 1957 और ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
गिरोह का नेटवर्क फैजाबाद, गोंडा, बस्ती, कानपुर तक फैला
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वे कच्चा माल कानपुर के दिलीप गुप्ता और हरिशंकर से प्राप्त करते थे और तैयार माल अंबेडकरनगर के रफीगंज निवासी अनिल जायसवाल को सप्लाई करते थे। यह माल ‘वराणसी आशिक’ और ‘देशी कारतूस’ जैसे नामों से बाजार में बेचा जाता था।








