वाराणसी। रामनगर के पंचवटी मैदान में रविवार सुबह रामलीला के लिए लाया गया एक हाथी अचानक बेकाबू हो गया। हाथी ने मैदान में रखी चीजों को सूंड से उठाकर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान दीवारों और दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। हाथी को काबू करने की कोशिश कर रहे महावत को उसने उठाकर पटक दिया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।
खाना देने पहुंचे महावत पर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, हाथी को आजमगढ़ से लाया गया था। रविवार सुबह करीब 10:30 बजे महावत छापलू उसे खाना देने जा रहा था। इसी दौरान हाथी अचानक भड़क गया। इसके बाद वह पंचवटी मैदान से निकलकर सड़क की ओर भागने लगा। रास्ते में उसने पेड़ और बिजली के पोल उखाड़ दिए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
दो किलोमीटर के इलाके में बैरिकेडिंग
हाथी के बेकाबू होने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एहतियात के तौर पर करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई। पुलिस लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील कर रही है।
हाथी को सुरक्षित तरीके से काबू करने के लिए वन विभाग और एनडीआरएफ समेत करीब 200 लोगों की टीम जुटी हुई है। स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
रामलीला में खास भूमिका से जुड़ा है हाथी
पंचवटी मैदान में रामलीला में शामिल होने वाले हाथियों को रखा जाता है। यहीं रामलीला के कलाकार और अन्य लोग भी ठहरते हैं। बताया गया है कि काशीराज परिवार के डॉ. अनंत नारायण सिंह के बेटे इसी हाथी पर सवार होकर रामलीला देखते हैं।
पंचवटी मैदान जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर और काशी विश्वनाथ मंदिर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। हाथी के बेकाबू होने के बाद प्रशासन की प्राथमिकता उसे सुरक्षित तरीके से काबू करना और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।









