वाराणसी। रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला में शामिल हाथी धनराज रविवार को हथिनी से लड़ाई के बाद बेकाबू हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह दोनों के बीच लड़ाई हुई थी। इसके करीब आधे घंटे बाद धनराज ने जंजीर तोड़ दी और उत्पात मचाने लगा। हाथी को काबू करने के लिए वन विभाग की टीम को करीब 13 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार रात 11:30 बजे उसका रेस्क्यू किया जा सका।
महावत को पटककर किया घायल, 20 मकानों में तोड़फोड़
बेकाबू धनराज ने अपने महावत को पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। महावत को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसे 50 टांके लगाए गए। इसके अलावा हाथी ने करीब 20 मकानों में तोड़फोड़ की। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसने बिजली का एक पोल गिरा दिया और एक बाग में 10 से अधिक पेड़ उखाड़ दिए। घटना के दौरान इलाके में दहशत का माहौल रहा।
पीएन कॉलेज के सामने मैदान में रखा गया हाथी
रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम हाथी धनराज को ट्रक से ले जाकर रामनगर में पीएन कॉलेज के सामने स्थित मैदान में ले गई। फिलहाल उसे वहीं रखा गया है और उसकी निगरानी की जा रही है।
गन्ना और हरा चारा खिलाया, स्वास्थ्य पर नजर
जानकारी के मुताबिक, रेस्क्यू के बाद हाथी की हालत सामान्य है। उसे गन्ना, मक्के का हरा चारा और नीम के पत्ते खिलाए गए हैं। वन विभाग की टीम उसके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने की पुष्टि के बाद उसे दोबारा आजमगढ़ ले जाने की योजना है।









