- छोटे फ्लैट में बचपन
- रेसलर से अभिनेता बनने की राह
- पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब
नई दिल्ली। वरुण धवन, बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर डेविड धवन के बेटे होने के बावजूद, अपनी मेहनत और कड़ी संघर्ष के बल पर इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। उनका जीवन एक प्रेरणा है, क्योंकि उन्होंने कभी भी अपने पिता के नाम का फायदा नहीं उठाया। उनकी कहानी, जो कठिन संघर्ष और आत्मविश्वास से भरी हुई है, हमें बताती है कि किसी भी मुकाम तक पहुँचने के लिए मेहनत और संघर्ष कितना ज़रूरी है। आइए जानते हैं वरुण धवन के जीवन और करियर की कुछ खास बातें:
छोटे से फ्लैट में पली-बढ़ी ज़िंदगी
वरुण धवन का बचपन किसी आलीशान बंगले में नहीं बीता। उनका परिवार मुंबई के एक छोटे से फ्लैट में रहता था। उनके पिता डेविड धवन, फिल्म इंडस्ट्री में एक निर्देशक के तौर पर अपनी पहचान बना रहे थे, लेकिन शुरुआत में वे बहुत ज्यादा पैसे नहीं कमा पाते थे। फिर भी, वरुण ने कभी गरीबी का एहसास नहीं होने दिया क्योंकि उनके माता-पिता ने उन्हें बहुत अच्छे से पाला और भाई ने हमेशा उनकी सुरक्षा की।
रेसलर बनने का था सपना
वरुण का बचपन से ही रेसलिंग के प्रति प्रेम था। वे WWE के बड़े फैन थे और एक प्रोफेशनल रेसलर बनने का सपना देखते थे। हालांकि, बॉलीवुड का माहौल उन्हें खींच लाया और उन्होंने एक्टर बनने का निर्णय लिया। उनके पसंदीदा अभिनेता गोविंदा और सलमान खान रहे हैं, जिनके साथ उनके पिता ने कई सुपरहिट फिल्में की हैं।








