जलालपुर (अंबेडकरनगर)। विकास खंड जलालपुर के ग्राम लाभापार में इंटरलॉकिंग कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार ने ग्राम प्रधान अमित कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने निजी खर्च से कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य को ग्राम पंचायत की सरकारी योजना में दर्शाकर उसका भुगतान ले लिया है।
धर्मेंद्र कुमार, जो वर्तमान में प्रयागराज में निवास कर रहे हैं, ने उप जिलाधिकारी जलालपुर को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी आबादी भूमि पर दीवार निर्माण शुरू कराया था। उसी दौरान ग्राम प्रधान ने उन्हें रोकते हुए कहा कि जिस स्थान पर निर्माण हो रहा है, वहां पर सरकारी इंटरलॉकिंग बिछी है। जबकि धर्मेंद्र का दावा है कि उक्त इंटरलॉकिंग उन्होंने वर्ष 2023 में अपनी पुत्री की शादी के समय पट्टीदारों के सहयोग से खुद बिछवाई थी, जिस पर कुल 1,21,994 रुपए का व्यय हुआ था। धर्मेंद्र ने अपने दावे के समर्थन में खर्च की रसीदें भी प्रस्तुत की हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने इस निजी कार्य को सरकारी मद में दिखा दिया और पंचायत निधि से भुगतान भी प्राप्त कर लिया, जो न सिर्फ नियम विरुद्ध है बल्कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
इस प्रकरण पर जब ग्राम प्रधान अमित कुमार से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से इन आरोपों को अस्वीकार करते हुए कहा कि “इंटरलॉकिंग कार्य ग्राम पंचायत की स्वीकृत योजना के तहत ही कराया गया है और उसी अनुसार भुगतान भी हुआ है। किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है।”
वहीं इस मामले पर खंड विकास कार्यालय के एडीओ पंचायत बृजेश तिवारी ने बताया कि यह मामला अभी तक औपचारिक रूप से उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो स्थलीय जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।








