
पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल जैसे-जैसे गरमाता जा रहा है, जमीनी स्तर पर टकराव भी तेज होता दिख रहा है। कोलकाता के इकबालपुर इलाके में सोमवार को दो प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में अचानक तनाव फैल गया।
शुरुआत में माहौल सामान्य था, लेकिन जल्द ही नारेबाजी और हंगामे ने स्थिति को बिगाड़ दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बावजूद हालात काबू से बाहर हो गए और सुरक्षाबलों को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। यह घटना साफ संकेत देती है कि चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा कितनी आक्रामक हो गई है।
हुसैन शाह रोड पर यह विवाद उस समय भड़का जब भाजपा उम्मीदवार राकेश सिंह के नेतृत्व में एक बैठक चल रही थी। इसी दौरान भाजपा और All India Trinamool Congress (टीएमसी) समर्थकों के बीच बहस शुरू हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। देखते ही देखते भीड़ बढ़ती गई और पुलिस स्टेशन के बाहर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब राकेश सिंह अपने समर्थकों के साथ इकबालपुर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाए। बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। कोलकाता पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और कई लोगों को हिरासत में लिया। अब तक नौ लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है, जिनमें भाजपा और टीएमसी दोनों के कार्यकर्ता शामिल हैं।
पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। दोनों दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने और प्रशासनिक पक्षपात के आरोप लगा रहे हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, चुनावी हिंसा को रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।









