पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बंपर मतदान दर्ज किया गया है, जिसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती दी है। हालांकि कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं सामने आईं, लेकिन प्रशासन के अनुसार इनकी संख्या पिछले चुनावों की तुलना में काफी कम रही। उच्च मतदान प्रतिशत यह संकेत देता है कि मतदाता इस बार बदलाव और स्थिरता को लेकर गंभीर हैं।
अमित शाह का बयान और पश्चिम बंगाल चुनाव दूसरा चरण तनाव
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर 24 परगना में रैली के दौरान तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में “दीदी के गुंडे” घर से बाहर नहीं निकले और दूसरे चरण में भी उन्हें बाहर नहीं निकलना चाहिए, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान ने पश्चिम बंगाल चुनाव दूसरे चरण से पहले सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
संदेशखाली मुद्दा और महिला सुरक्षा पर सियासत
अमित शाह ने अपने भाषण में संदेशखाली की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महिलाओं के साथ हुए अत्याचार को जनता भूली नहीं है। उन्होंने मध्यमग्राम में रोड शो के दौरान बड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए दावा किया कि इस बार जनता न्याय और सुरक्षा के मुद्दे पर वोट कर रही है।
रिकॉर्ड वोटिंग: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव में नई मिसाल
Election Commission of India के अनुसार, पश्चिम बंगाल और तमिल नाडु में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर मतदान हुआ। रात 10 बजे तक पश्चिम बंगाल में 92.66% और तमिलनाडु में 85.14% मतदान दर्ज किया गया, जो अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ चुका है।









