पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड 92.8 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसने देशभर में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। यह आंकड़ा 2021 के चुनाव से करीब 10.5 प्रतिशत अधिक है, जो मतदाताओं के बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।
पश्चिम बंगाल चुनाव रिकॉर्ड वोटिंग: लोकतंत्र में बढ़ता विश्वास
इस ऐतिहासिक मतदान को लेकर Supreme Court of India ने भी संतोष जताया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर उन्हें इस उच्च मतदान प्रतिशत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने वोट के अधिकार का उपयोग करते हैं, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होती है।
शांतिपूर्ण मतदान: हिंसा कम होने पर कोर्ट संतुष्ट
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि इस बार चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि हिंसा की घटनाएं बहुत कम रहीं, जो एक सकारात्मक संकेत है।
SIR विवाद और वोटर लिस्ट में बदलाव
चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विवाद भी रहा। इस प्रक्रिया के तहत मृत, डुप्लीकेट और गैरकानूनी मतदाताओं को हटाया गया, जिससे करीब 12 प्रतिशत वोटर सूची से बाहर हो गए। इसके बाद कुल मतदाता संख्या घटकर लगभग 6.75 करोड़ रह गई।
सियासी प्रतिक्रिया: बदलाव के संकेत
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने इसे बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि अधिक मतदान का मतलब है कि जनता सत्ता परिवर्तन चाहती है। वहीं सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने इसे ऐतिहासिक मतदान बताया और चुनाव को शांतिपूर्ण करार दिया।









