- कैसे SIP ने भारतीय निवेशकों को दिया नया अवसर?
- अप्रैल में म्यूचुअल फंड्स में रिकॉर्ड निवेश
- क्या है AUM का बढ़ना और इसका मतलब आपके निवेश के लिए क्या है?
नई दिल्ली। भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग ने अप्रैल 2025 में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में SIP के जरिए निवेशकों ने ₹26,632 करोड़ का योगदान दिया, जो अब तक का सबसे अधिक मासिक कंट्रीब्यूशन है।
SIP अकाउंट्स में भी वृद्धि
अप्रैल में SIP के तहत योगदान देने वाले खातों की संख्या बढ़कर 8.38 करोड़ हो गई, जबकि मार्च में यह संख्या 8.11 करोड़ थी। इस दौरान 1.36 करोड़ SIP अकाउंट बंद हुए या मैच्योर हो गए, लेकिन 46 लाख नए खाते जुड़ने से कुल संख्या में वृद्धि हुई। यह आंकड़ा निवेशकों में दीर्घकालिक धन निर्माण के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
AUM ने छुआ नया मुकाम
इक्विटी इनफ्लो में गिरावट के बावजूद, म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अप्रैल में ₹70 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो मार्च 2025 (₹65.74 लाख करोड़) की तुलना में काफी अधिक है।
इक्विटी इनफ्लो में कमी, लेकिन नेट इनफ्लो मजबूत
अप्रैल में इक्विटी फंड्स में ग्रॉस इनफ्लो पिछले कुछ महीनों की तुलना में कम रहा, जो ₹55,000 करोड़ के आसपास दर्ज किया गया। हालांकि, नेट इक्विटी इनफ्लो ₹24,000 करोड़ से अधिक रहा, जो जून 2024 के स्तर (₹40,000 करोड़) से कम है, लेकिन फिर भी मार्च 2025 के स्तर के करीब बना हुआ है।
AUM क्या होता है?
म्यूचुअल फंड हाउसेस द्वारा प्रबंधित सभी सिक्योरिटीज की वर्तमान बाजार मूल्य को एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) कहा जाता है। यह उद्योग के आकार और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।








