- क्यों ट्रम्प ने फिर चुना सऊदी अरब को अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए?
- ट्रम्प और MBS की केमिस्ट्री: क्या है इस रिश्ते की खासियत?
- क्या 600 अरब डॉलर का निवेश बदलेगा अमेरिका की आर्थिक तस्वीर?
रियाद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब के दौरे के दौरान क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की जमकर तारीफ की। ट्रम्प ने कहा, “मुझे लगता है कि हम एक-दूसरे को बहुत पसंद करते हैं। वे अपनी उम्र से कहीं ज्यादा समझदार और होशियार हैं।”
600 बिलियन डॉलर का निवेश, 20 लाख नौकरियों का वादा
ट्रम्प ने कहा कि उनके दौरे से पहले ही सऊदी अरब ने अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर के निवेश का ऐलान किया था, जिससे 20 लाख नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “मुझे यकीन है कि यह निवेश 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।”
दोनों देशों ने ऊर्जा, खनन और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यूक्रेन-रूस शांति वार्ता में शामिल हो सकते हैं ट्रम्प
ट्रम्प ने संकेत दिया कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच होने वाली संभावित शांति वार्ता में शामिल हो सकते हैं।
दूसरे कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा
यह ट्रम्प के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद पहली औपचारिक विदेश यात्रा है। इससे पहले वे पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने वेटिकन गए थे।
यात्रा कार्यक्रम:
- 14 मई: खाड़ी देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, फिर कतर रवाना होंगे।
- 15 मई: दौरे के अंतिम दिन UAE पहुंचेंगे।
2017 में भी तोड़ी थी परंपरा
अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद पहला विदेश दौरा कनाडा या यूरोप करने की परंपरा है, लेकिन ट्रम्प ने 2017 में पहली बार सऊदी अरब जाकर इसे तोड़ा था। इस बार भी उन्होंने शपथ लेने के बाद पहला फोन MBS को किया था।
इजराइल-सऊदी रिश्तों पर फोकस
ट्रम्प चाहते हैं कि सऊदी अरब, इजराइल को मान्यता दे। उन्होंने अब्राहम अकॉर्ड का जिक्र करते हुए आशा जताई कि सऊदी भी इस समझौते में शामिल होगा। पिछले कार्यकाल में UAE, बहरीन, मोरक्को और सूडान ने इजराइल के साथ संबंध स्थापित किए थे।








