- PSL के बचे हुए मैच, UAE में क्यों नहीं होंगे?
- भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच PSL की मेजबानी पर संकट
- ECB ने PSL के आयोजन पर क्यों उठाया सुरक्षा मुद्दा?
मुंबई। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के शेष मैचों का संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आयोजन अब अनिश्चित हो गया है। अमीरात क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इन मैचों की मेजबानी करने में असमर्थता जताई है।
PCB की योजना पर पानी फिरा
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने शुक्रवार को PSL के बाकी आठ मैचों को UAE या कतर के दोहा में आयोजित करने की घोषणा की थी। यह निर्णय भारतीय वायुसेना द्वारा रावलपिंडी स्थित एक स्टेडियम को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद लिया गया था, जिसके चलते PSL को स्थगित कर दिया गया था।
ECB ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
ECB के एक सूत्र ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए UAE में PSL के मैच आयोजित कराना मुश्किल है। UAE में दक्षिण एशियाई प्रवासियों की बड़ी आबादी रहती है, जो क्रिकेट के प्रति उत्साही हैं। ऐसे में तनाव के माहौल में बड़े क्रिकेट आयोजन से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
UAE का BCCI के साथ मजबूत रिश्ता
UAE क्रिकेट बोर्ड का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ अच्छा संबंध है। पिछले कुछ वर्षों में UAE ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2021 और आगामी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के भारतीय मैचों की मेजबानी की है। इसके अलावा, दुबई आईसीसी का मुख्यालय भी है, जहां एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के कई कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं।
भारत-पाकिस्तान तनाव का असर IPL पर भी
इस बीच, भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण BCCI ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। BCCI ने खिलाड़ियों की सुरक्षा और प्रशंसकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। IPL का संशोधित शेड्यूल हालात के अनुसार जारी किया जाएगा।
पृष्ठभूमि
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर हमले किए। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन भारतीय सेना ने उसके कई ड्रोन हमले विफल कर दिए। इसी तनाव के बीच क्रिकेट टूर्नामेंट्स पर भी असर पड़ रहा है। अब देखना होगा कि PSL के शेष मैच कहाँ और कब होंगे, क्योंकि UAE के इनकार के बाद PCB के पास विकल्प सीमित हो गए हैं।








