
- अकबरपुर में व्यावसायिक शिक्षा में प्रशासनिक लापरवाही से छात्रों का भविष्य खतरे में
- जांच टीम गठित, फिर भी स्कूल में आदेशों की अवहेलना जारी
- अतिथि शिक्षक का आरोप: आर्थिक और मानसिक शोषण का मामला तूल पकड़ता
अकबरपुर। जीके जेटली इंटर कॉलेज, अकबरपुर में “खाद्य एवं फल संरक्षण” ट्रेड के तहत छात्र-छात्राओं की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक सुस्ती एक बार फिर सामने आई है। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश सिंह ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है, लेकिन विद्यालय प्रशासन द्वारा आदेशों की अवहेलना जारी है।
जांच टीम गठित, लेकिन कार्रवाई नहीं
जांच टीम में राजकीय बालिका हाईस्कूल फरीदपुर कुतुब की प्रधानाचार्या डॉ. तारा वर्मा, राजकीय हाईस्कूल जहांगीरगंज के प्रधानाध्यापक सुरेश लाल श्रीवास्तव और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भीटी की प्रधानाचार्या रंजना को शामिल किया गया है। इनसे रिपोर्ट मांगी गई है, लेकिन पिछले वर्ष भी इसी तरह की टीम बनाई गई थी, जिसके बाद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
शिक्षक के शोषण के गंभीर आरोप
विद्यालय में अतिथि विषय विशेषज्ञ शिक्षक गिरीश चंद्र पांडेय ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह 1994 से इस पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें न तो मानदेय दिया जा रहा है और न ही उनकी उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य द्वारा उनका आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। साल 2022 में बिना किसी सूचना के उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं।
शासन और कोर्ट के आदेशों की अनदेखी
इस मामले में शिक्षक द्वारा शासन और शिक्षा विभाग को कई पत्र लिखे जा चुके हैं। उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद अयोध्या मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने उनका बकाया मानदेय देने और उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कराने के निर्देश दिए थे। 28 मार्च 2025 को जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी विद्यालय प्रबंधक को पत्र लिखकर आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने चेतावनी दी
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश सिंह ने स्पष्ट कहा है कि यदि निर्धारित समयसीमा में प्रवेश प्रक्रिया और शिक्षक के मामले में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में विद्यालय प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच टीम की रिपोर्ट के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।









