- महाराष्ट्र कैसे बना देश का नंबर वन राज्य? जानिए रैंकिंग के पीछे की वजह
- गुजरात और कर्नाटक क्यों पिछड़ गए महाराष्ट्र से?
- क्या आपकी राज्य सरकार सही दिशा में काम कर रही है? CARE रेटिंग से करें तुलना
मुंबई। रेटिंग एजेंसी केयरएज (CARE Ratings) द्वारा जारी स्टेट रैंकिंग रिपोर्ट में महाराष्ट्र ने बाज़ी मार ली है। इकोनॉमिक, फिस्कल हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंशियल ग्रोथ, सोशल डेवलपमेंट, गवर्नेंस और पर्यावरण जैसे कुल 7 महत्वपूर्ण पैमानों पर 56.5% अंक हासिल करते हुए महाराष्ट्र देश का टॉप परफॉर्मर राज्य बना है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात को दूसरा और कर्नाटक को तीसरा स्थान मिला है। कम्पोजिट रैंकिंग में पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। वहीं, पूर्वोत्तर, पहाड़ी और छोटे राज्यों की कैटेगरी में गोवा ने 62% अंक लेकर पहला स्थान हासिल किया है।
नीचे के पायदान पर एमपी, झारखंड और बिहार
देश के 17 बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश को 15वां, झारखंड को 16वां और बिहार को 17वां स्थान मिला है। इन राज्यों का प्रदर्शन सातों स्केल पर अपेक्षाकृत कमजोर रहा। छत्तीसगढ़ को 11वीं और राजस्थान को 12वीं रैंकिंग प्राप्त हुई है।
रैंकिंग का आधार:
केयरएज द्वारा तैयार की गई यह स्टेट रैंकिंग रिपोर्ट अपने तरह का दूसरा एडिशन है। इसमें कुल 50 संकेतकों (इंडिकेटर्स) के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया गया है। ये संकेतक सात प्रमुख स्केल पर आधारित हैं—आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिति, आधारभूत ढांचा, वित्तीय समावेशन, सामाजिक प्रगति, सुशासन और पर्यावरणीय स्थिरता।
टॉप 3 बड़े राज्य (कंपोजिट स्कोर के आधार पर):
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महाराष्ट्र – 56.5%
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गुजरात
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कर्नाटक
टॉप छोटा राज्य:
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गोवा – 62%
बॉटम 3 बड़े राज्य:
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बिहार
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झारखंड
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मध्य प्रदेश








