
- कावेरी नदी किनारे मिला शव, बाइक पास में मिली खड़ी
- 7 मई से थे लापता, परिवार ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
- ध्यान के लिए जाते थे आश्रम, वहीं मिली संदिग्ध मौत
बेंगलुरु। कर्नाटक पुलिस ने पद्मश्री से सम्मानित कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुब्बन्ना अय्यप्पन (70) की संदिग्ध मौत की जांच शुरू की है। उनका शव शनिवार को कावेरी नदी में तैरता हुआ मिला था। पुलिस को उनकी बाइक नदी किनारे मिली, जिससे आत्महत्या का संदेह हो रहा है, लेकिन परिवार और सहयोगियों ने सवाल उठाए हैं।
क्या हुआ था?
डॉ. अय्यप्पन 7 मई से लापता थे। परिवार ने 8 मई को मैसूर के विद्यारण्यपुरम पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
11 मई को श्रीरंगपटना के पास कावेरी नदी में उनका शव मिला। उनकी बाइक नदी तट पर पड़ी मिली।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और मौत के कारणों की पुष्टि का इंतजार है।
परिवार और सहयोगियों को शक
डॉ. अय्यप्पन मैसूर निवासी थे और नियमित रूप से श्रीरंगपटना के साईंबाबा आश्रम में ध्यान करते थे। उनकी पत्नी और दो बेटियों ने आशंका जताई कि उनकी मौत “संदिग्ध” हो सकती है।
वहीं, ICAR के पूर्व सदस्य वेणुगोपाल बदरवाड़ा ने CBI जांच की मांग करते हुए दावा किया कि यह मामला “ICAR में भ्रष्टाचार” से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने मौत को “असामयिक और रहस्यमयी” बताया।
कौन थे डॉ. सुब्बन्ना अय्यप्पन?
2022 में पद्मश्री से सम्मानित डॉ. अय्यप्पन कृषि और मत्स्य पालन विशेषज्ञ थे।
वह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का नेतृत्व करने वाले पहले गैर-फसल वैज्ञानिक थे।
उन्हें भारत की ‘नीली क्रांति’ (मत्स्य पालन विकास) में अहम योगदान के लिए जाना जाता था।
अब पुलिस और प्रशासन मौत के सही कारणों का पता लगाने में जुटा है, जबकि परिवार और सहयोगी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।








